⭐ Sabse Important Points · एक नज़र में
- इक्ता प्रणाली: सैन्य अधिकारियों को वेतन के बदले भू-राजस्व का अधिकार दिया जाता था; इक्तादार कहलाते थे।
- अमर-नायक प्रणाली: विजयनगर में सैन्य अधिकारियों को भूमि आवंटित की जाती थी, जो सैनिक और राजस्व एकत्र करते थे।
- चहलगानी: इल्तुतमिश द्वारा गठित 40 विश्वस्त अमीरों का समूह, जो सल्तनत की राजनीति में निर्णायक रहा।
- कृष्णदेव राय: 'आमुक्तमाल्यद' (तेलुगु) और 'जांबवती कल्याणम' के रचयिता; 'अष्टदिग्गज' कवियों का संरक्षण किया।
- दीवान-ए-वजारत: वित्त विभाग, जिसका प्रमुख वजीर होता था; राजस्व और व्यय का नियंत्रण करता था।
- तालिकोटा युद्ध (1565): विजयनगर और दक्षिणी सल्तनतों के गठबंधन के बीच युद्ध, जिसमें विजयनगर पराजित हुआ।
Introduction · परिचय
मध्यकालीन भारतीय इतिहास (लगभग 8वीं से 18वीं शताब्दी) दिल्ली सल्तनत, विजयनगर साम्राज्य, भक्ति-सूफी आंदोलन और मुगल साम्राज्य जैसे प्रमुख राजनीतिक एवं सांस्कृतिक विकासों का काल है। UPSC प्रारंभिक परीक्षा में इस खंड से राजवंशों की स्थापना, प्रशासनिक शब्दावली, सांस्कृतिक योगदान और सामाजिक-धार्मिक आंदोलनों पर तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
दिल्ली सल्तनत: राजवंश और प्रशासन
1206 में कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा स्थापित दिल्ली सल्तनत में पाँच राजवंश—गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैय्यद और लोदी—शासन किए। इस काल में इक्ता प्रणाली, चहलगानी (40 अमीरों का समूह) और दीवान-ए-वजारत जैसी प्रशासनिक संरचनाएँ विकसित हुईं। अलाउद्दीन खिलजी के बाजार नियंत्रण और मुहम्मद बिन तुगलक की राजधानी परिवर्तन जैसे प्रयोग परीक्षा में महत्वपूर्ण हैं।
| गुलाम वंश | खिलजी वंश |
|---|---|
| स्थापक: कुतुबुद्दीन ऐबक (1206) | स्थापक: जलालुद्दीन खिलजी (1290) |
| चहलगानी का गठन इल्तुतमिश द्वारा | अलाउद्दीन के बाजार नियंत्रण और सैन्य सुधार |
| राजधानी: दिल्ली | राजधानी: दिल्ली (अलाउद्दीन ने सीरी किला बसाया) |
⭐ Key Points · याद रखने वाली बातें
- इक्ता प्रणाली: सैन्य अधिकारियों को वेतन के बदले भू-राजस्व का अधिकार दिया जाता था; इक्तादार कहलाते थे।
- चहलगानी: इल्तुतमिश द्वारा गठित 40 विश्वस्त अमीरों का समूह, जो सल्तनत की राजनीति में निर्णायक रहा।
- दीवान-ए-वजारत: वित्त विभाग, जिसका प्रमुख वजीर होता था; राजस्व और व्यय का नियंत्रण करता था।
- अलाउद्दीन खिलजी के बाजार सुधार: कीमत नियंत्रण हेतु दीवान-ए-रियासत और शाहना-ए-मंडी जैसे अधिकारी नियुक्त किए गए।
✍️ Solved Example 1 · हल किया हुआ उदाहरण
❓ Question: दिल्ली सल्तनत में 'इक्ता' का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✅ Solution: सैन्य अधिकारियों को नकद वेतन के स्थान पर भू-राजस्व का अधिकार देना।
💡 Explanation: इक्ता प्रणाली में अधिकारी को एक क्षेत्र का राजस्व एकत्र करने का अधिकार मिलता था, जिससे वह अपना वेतन और सैनिकों का खर्च वहन करता था; यह विकेंद्रीकृत वित्तीय व्यवस्था थी।
विजयनगर साम्राज्य और बहमनी राज्य
1336 में हरिहर और बुक्का द्वारा स्थापित विजयनगर साम्राज्य दक्षिण भारत का प्रमुख हिंदू राज्य था, जिसकी राजधानी हंपी थी। इसका सामना बहमनी साम्राज्य (1347) से हुआ। कृष्णदेव राय (1509-1529) के शासनकाल में साहित्य और कला का उत्कर्ष हुआ। 1565 के तालिकोटा युद्ध में विजयनगर की पराजय के बाद साम्राज्य का पतन हुआ।
| विजयनगर साम्राज्य | बहमनी साम्राज्य |
|---|---|
| स्थापना: 1336, हरिहर-बुक्का | स्थापना: 1347, हसन गंगू |
| राजधानी: हंपी | राजधानी: गुलबर्गा (बाद में बीदर) |
| हिंदू राज्य, तेलुगु-कन्नड़ संस्कृति | इस्लामी राज्य, फारसी-दक्कनी संस्कृति |
⭐ Key Points · याद रखने वाली बातें
- अमर-नायक प्रणाली: विजयनगर में सैन्य अधिकारियों को भूमि आवंटित की जाती थी, जो सैनिक और राजस्व एकत्र करते थे।
- कृष्णदेव राय: 'आमुक्तमाल्यद' (तेलुगु) और 'जांबवती कल्याणम' के रचयिता; 'अष्टदिग्गज' कवियों का संरक्षण किया।
- तालिकोटा युद्ध (1565): विजयनगर और दक्षिणी सल्तनतों के गठबंधन के बीच युद्ध, जिसमें विजयनगर पराजित हुआ।
- बहमनी साम्राज्य: हसन गंगू द्वारा 1347 में स्थापित; बाद में पाँच दक्कन सल्तनतों में विभाजित हुआ।
✍️ Solved Example 1 · हल किया हुआ उदाहरण
❓ Question: विजयनगर साम्राज्य की 'अमर-नायक' प्रणाली किससे संबंधित थी?
✅ Solution: सैन्य अधिकारियों को भूमि आवंटन और उनके कर्तव्यों से।
💡 Explanation: अमर-नायक प्रणाली में अधिकारी को 'अमरम' नामक भूमि दी जाती थी, जिससे वह सैनिकों को वेतन देता और राजस्व एकत्र करता था; यह सामंतवादी व्यवस्था का रूप थी।
Practice Questions · खुद हल करके देखो
पहले खुद try karo, phir “Answer dekho” dabakar check karo. 👇
Q1दिल्ली सल्तनत में 'चहलगानी' क्या थी?
👀 Answer dekho
✅ Answer: इल्तुतमिश द्वारा गठित 40 विश्वस्त अमीरों का समूह।
💡 Explanation: चहलगानी (चिहलगानी) तुर्की अमीरों का एक शक्तिशाली समूह था, जिसने सल्तनत की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई; बाद में बलबन ने इसका दमन किया।
Q2विजयनगर साम्राज्य की स्थापना कब और किसके द्वारा हुई?
👀 Answer dekho
✅ Answer: 1336 में हरिहर और बुक्का द्वारा।
💡 Explanation: हरिहर और बुक्का ने संगम वंश की स्थापना की, जिसने विजयनगर साम्राज्य की नींव रखी; उनकी राजधानी हंपी थी।
Q3तालिकोटा युद्ध (1565) का विजयनगर साम्राज्य पर क्या प्रभाव पड़ा?
👀 Answer dekho
✅ Answer: साम्राज्य का राजनीतिक पतन हुआ और हंपी नष्ट हो गई।
💡 Explanation: इस युद्ध में विजयनगर की पराजय के बाद साम्राज्य कमजोर हो गया और शीघ्र ही छोटे राज्यों में विभाजित हो गया; हंपी को लूटा गया।
⚠️ Common Mistakes · ये गलतियाँ बिल्कुल मत करना
- गलती: 'इक्ता' और 'जागीर' को एक ही समझना। सुधार: इक्ता सल्तनत काल की अस्थायी भू-राजस्व व्यवस्था थी, जबकि जागीर मुगल काल की स्थायी सैन्य-भूमि व्यवस्था थी।
- गलती: विजयनगर और बहमनी की स्थापना तिथियों में भ्रम। सुधार: विजयनगर 1336, बहमनी 1347—याद रखें कि बहमनी की स्थापना विजयनगर से 11 वर्ष बाद हुई।
⚡ Quick Revision · Exam से पहले 2 मिनट में दोहराओ
- दिल्ली सल्तनत के पाँच राजवंश: गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैय्यद, लोदी—क्रमशः 1206, 1290, 1320, 1414, 1451 में स्थापित।
- अलाउद्दीन खिलजी के बाजार सुधार: दीवान-ए-रियासत, शाहना-ए-मंडी और कीमत नियंत्रण प्रणाली।
- विजयनगर साम्राज्य: हरिहर-बुक्का (1336), कृष्णदेव राय (1509-29), तालिकोटा युद्ध (1565)—हंपी राजधानी।