📚 Study NotesNDAMathematics · Trigonometry📁 Mathematics⏱ ~4 min read🕒 Updated 21 Oct 2026
FREE

Trigonometry — Short Notes (Hindi)

⭐ Important points upar highlighted hain — pehle wo padho, phir detail me samjho, aakhir me practice karo.

⭐ Sabse Important Points · एक नज़र में

  • मूल सर्वसमिका: sin²θ + cos²θ = 1 सभी θ के लिए सत्य है और इससे cos²θ = 1 − sin²θ प्राप्त होता है।
  • पूरक कोण नियम: sin(90° − θ) = cos θ, tan(90° − θ) = cot θ, sec(90° − θ) = cosec θ; यह नियम कोणों को 0°–45° में बदलकर मान निकालने में मदद करता है।
  • tan और sec संबंध: 1 + tan²θ = sec²θ, जहाँ θ ≠ (2n+1)π/2; यह सर्वसमिका tan को sec में बदलने में सहायक है।
  • योग-अंतर सूत्र: sin(A + B) = sin A cos B + cos A sin B और cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B; इनसे sin 75° जैसे मान निकाले जाते हैं।
  • cot और cosec संबंध: 1 + cot²θ = cosec²θ, जहाँ θ ≠ nπ; cosec को cot में बदलने के लिए उपयोगी।
  • द्विकोण सूत्र: cos 2A = 1 − 2sin²A से sin²A = (1 − cos 2A)/2 प्राप्त होता है, जो सर्वसमिका सिद्ध करने में उपयोगी है।

Introduction · परिचय

त्रिकोणमिति (Trigonometry) NDA गणित का एक महत्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक है। इसमें त्रिभुजों की भुजाओं और कोणों के बीच संबंध, त्रिकोणमितीय अनुपात, सर्वसमिकाएँ, त्रिकोणमितीय समीकरण और उनके अनुप्रयोग शामिल हैं। यह टॉपिक बीजगणित, ज्यामिति और सदिशों से भी जुड़ता है, इसलिए इसकी अच्छी समझ अन्य प्रश्नों में भी मदद करती है।

त्रिकोणमितीय अनुपात और मूल सर्वसमिकाएँ

समकोण त्रिभुज में किसी न्यून कोण θ के लिए छह त्रिकोणमितीय अनुपात परिभाषित होते हैं: sin θ = लंब/कर्ण, cos θ = आधार/कर्ण, tan θ = लंब/आधार, और इनके व्युत्क्रम क्रमशः cosec θ, sec θ, cot θ हैं। इनसे तीन मूल सर्वसमिकाएँ प्राप्त होती हैं: sin²θ + cos²θ = 1, 1 + tan²θ = sec²θ, 1 + cot²θ = cosec²θ। इनका उपयोग व्यंजकों को सरल करने और समीकरण हल करने में होता है।

📐 Formula / Rule Box · सूत्र याद रखो

पाइथागोरस सर्वसमिका

sin²θ + cos²θ = 1

sec–tan सर्वसमिका

1 + tan²θ = sec²θ

cosec–cot सर्वसमिका

1 + cot²θ = cosec²θ

⭐ Key Points · याद रखने वाली बातें

  • मूल सर्वसमिका: sin²θ + cos²θ = 1 सभी θ के लिए सत्य है और इससे cos²θ = 1 − sin²θ प्राप्त होता है।
  • tan और sec संबंध: 1 + tan²θ = sec²θ, जहाँ θ ≠ (2n+1)π/2; यह सर्वसमिका tan को sec में बदलने में सहायक है।
  • cot और cosec संबंध: 1 + cot²θ = cosec²θ, जहाँ θ ≠ nπ; cosec को cot में बदलने के लिए उपयोगी।
  • चतुर्थांश चिह्न: प्रथम चतुर्थांश में सभी अनुपात धनात्मक, द्वितीय में केवल sin और cosec, तृतीय में tan और cot, चतुर्थ में cos और sec धनात्मक होते हैं।

✍️ Solved Example 1 · हल किया हुआ उदाहरण

❓ Question: यदि sin θ = 3/5 और θ प्रथम चतुर्थांश में है, तो cos θ और tan θ ज्ञात कीजिए।

✅ Solution: cos θ = 4/5, tan θ = 3/4

💡 Explanation: sin²θ + cos²θ = 1 से cos²θ = 1 − 9/25 = 16/25, अतः cos θ = 4/5 (प्रथम चतुर्थांश में धनात्मक)। tan θ = sin θ / cos θ = (3/5)/(4/5) = 3/4।

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ और पूरक कोण

पूरक कोणों (90° − θ) के लिए sin(90° − θ) = cos θ, cos(90° − θ) = sin θ, tan(90° − θ) = cot θ आदि संबंध होते हैं। इसके अतिरिक्त योग और अंतर के सूत्र जैसे sin(A ± B) = sin A cos B ± cos A sin B, cos(A ± B) = cos A cos B ∓ sin A sin B, और tan(A ± B) = (tan A ± tan B)/(1 ∓ tan A tan B) महत्वपूर्ण हैं। द्विकोण सूत्र sin 2A = 2 sin A cos A, cos 2A = cos²A − sin²A = 1 − 2sin²A = 2cos²A − 1 भी पूछे जाते हैं।

📐 Formula / Rule Box · सूत्र याद रखो

योग सूत्र (sin)

sin(A + B) = sin A cos B + cos A sin B

अंतर सूत्र (cos)

cos(A − B) = cos A cos B + sin A sin B

द्विकोण सूत्र

sin 2A = 2 sin A cos A

पूरक कोण नियम

sin(90° − θ) = cos θ, tan(90° − θ) = cot θ, sec(90° − θ) = cosec θ; यह नियम कोणों को 0°–45° में बदलकर मान निकालने में मदद करता है।

योग-अंतर सूत्र

sin(A + B) = sin A cos B + cos A sin B और cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B; इनसे sin 75° जैसे मान निकाले जाते हैं।

द्विकोण सूत्र

cos 2A = 1 − 2sin²A से sin²A = (1 − cos 2A)/2 प्राप्त होता है, जो सर्वसमिका सिद्ध करने में उपयोगी है।

✍️ Solved Example 1 · हल किया हुआ उदाहरण

❓ Question: sin 75° का मान ज्ञात कीजिए।

✅ Solution: (√6 + √2)/4

💡 Explanation: sin 75° = sin(45° + 30°) = sin 45° cos 30° + cos 45° sin 30° = (1/√2)(√3/2) + (1/√2)(1/2) = (√3 + 1)/(2√2) = (√6 + √2)/4।

Practice Questions · खुद हल करके देखो

पहले खुद try karo, phir “Answer dekho” dabakar check karo. 👇

Q1यदि tan θ = 5/12 और θ तृतीय चतुर्थांश में है, तो sin θ का मान क्या है?

👀 Answer dekho

✅ Answer: −5/13

💡 Explanation: tan θ = लंब/आधार = 5/12, कर्ण = √(5² + 12²) = 13। तृतीय चतुर्थांश में sin ऋणात्मक होता है, अतः sin θ = −5/13।

Q2cos²θ − sin²θ का मान किसके बराबर है?

👀 Answer dekho

✅ Answer: cos 2θ

💡 Explanation: द्विकोण सूत्र cos 2θ = cos²θ − sin²θ से सीधे प्राप्त होता है।

Q3यदि sin θ + cos θ = √2, तो θ का मान (0° ≤ θ ≤ 90°) क्या है?

👀 Answer dekho

✅ Answer: 45°

💡 Explanation: sin θ + cos θ = √2 sin(θ + 45°) = √2 ⇒ sin(θ + 45°) = 1 ⇒ θ + 45° = 90° ⇒ θ = 45°।

⚠️ Common Mistakes · ये गलतियाँ बिल्कुल मत करना

  • चतुर्थांश के अनुसार चिह्न न लगाना: sin, cos, tan के धनात्मक/ऋणात्मक मान चतुर्थांश पर निर्भर करते हैं, इसलिए पहले चतुर्थांश ज्ञात करें।
  • सर्वसमिका में 1 + tan²θ = sec²θ को 1 − tan²θ = sec²θ लिखना: चिह्न गलत न करें, यह जोड़ है।
  • योग सूत्र में sin(A + B) = sin A + sin B मान लेना: यह गलत है, सही सूत्र sin A cos B + cos A sin B है।

⚡ Quick Revision · Exam से पहले 2 मिनट में दोहराओ

  • मूल सर्वसमिकाएँ: sin²θ + cos²θ = 1, 1 + tan²θ = sec²θ, 1 + cot²θ = cosec²θ – तीनों को रटें।
  • पूरक कोण: sin(90° − θ) = cos θ, tan(90° − θ) = cot θ, sec(90° − θ) = cosec θ – कोण बदलने में उपयोगी।
  • चतुर्थांश चिह्न: प्रथम में सभी, द्वितीय में sin/cosec, तृतीय में tan/cot, चतुर्थ में cos/sec धनात्मक – ALL SILVER TEA CUPS से याद रखें।
  • योग-अंतर सूत्र: sin(A ± B) और cos(A ± B) के सूत्रों में चिह्न का क्रम याद रखें; tan(A ± B) का हर 1 ∓ tan A tan B होता है।

Related Content · और पढ़ो-practice करो