📚 Study NotesNDAMathematics · Algebra and Matrices📁 Mathematics⏱ ~3 min read🕒 Updated 20 Oct 2026
FREE

Algebra and Matrices — Short Notes (Hindi)

⭐ Important points upar highlighted hain — pehle wo padho, phir detail me samjho, aakhir me practice karo.

⭐ Sabse Important Points · एक नज़र में

  • द्विघात सूत्र: x = [−b ± √(b²−4ac)] / 2a — किसी भी द्विघात समीकरण के मूल ज्ञात करने के लिए।
  • आव्यूह गुणन की शर्त: A(m×n) और B(n×p) का गुणनफल AB संभव है और परिणाम m×p आव्यूह होता है।
  • मूलों का योग और गुणनफल: यदि α, β मूल हैं, तो α+β = −b/a और αβ = c/a — समीकरण बनाने या सत्यापन में उपयोगी।
  • 2×2 आव्यूह का व्युत्क्रम: A⁻¹ = (1/|A|) × adj(A), जहाँ |A| ≠ 0 — अद्वितीय हल के लिए आवश्यक।
  • द्विपद प्रमेय सामान्य पद: T_{r+1} = ⁿC_r a^{n−r} b^r — किसी विशेष पद का गुणांक निकालने के लिए।
  • सारणिक का गुण: |AB| = |A||B| और |Aᵀ| = |A| — सारणिक के प्रश्नों में उपयोगी।

Introduction · परिचय

NDA गणित में बीजगणित (Algebra) और आव्यूह (Matrices) से प्रश्न पूछे जाते हैं। बीजगणित में बहुपद, समीकरण, अनुक्रम-श्रेणी तथा द्विपद प्रमेय प्रमुख हैं, जबकि आव्यूह में आव्यूहों के प्रकार, संक्रियाएँ, सारणिक (Determinant) और व्युत्क्रम (Inverse) महत्वपूर्ण हैं। यह टॉपिक कम समय में अधिक अंक दिलाने वाला है, इसलिए सूत्रों और मूल अवधारणाओं का स्मरण आवश्यक है।

बीजगणित: बहुपद, समीकरण एवं द्विपद प्रमेय

बहुपद (Polynomial) एक चर में घातों का योग होता है। द्विघात समीकरण ax²+bx+c=0 के मूल ज्ञात करने के लिए विविक्तकर (Discriminant) D=b²−4ac का उपयोग होता है। द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem) से (a+b)ⁿ का प्रसार किया जाता है, जिसमें सामान्य पद T_{r+1}=ⁿC_r a^{n−r} b^r होता है।

📐 Formula / Rule Box · सूत्र याद रखो

द्विघात सूत्र

x = [−b ± √(b²−4ac)] / 2a

द्विपद प्रमेय सामान्य पद

T_{r+1} = ⁿC_r a^{n−r} b^r

AP का nवाँ पद

a_n = a + (n−1)d

द्विघात सूत्र

x = [−b ± √(b²−4ac)] / 2a — किसी भी द्विघात समीकरण के मूल ज्ञात करने के लिए।

द्विपद प्रमेय सामान्य पद

T_{r+1} = ⁿC_r a^{n−r} b^r — किसी विशेष पद का गुणांक निकालने के लिए।

⭐ Key Points · याद रखने वाली बातें

  • मूलों का योग और गुणनफल: यदि α, β मूल हैं, तो α+β = −b/a और αβ = c/a — समीकरण बनाने या सत्यापन में उपयोगी।
  • समांतर श्रेणी (AP): nवाँ पद a_n = a + (n−1)d, योग S_n = n/2[2a+(n−1)d] — अनुक्रम के प्रश्नों में सीधा प्रयोग।

✍️ Solved Example 1 · हल किया हुआ उदाहरण

❓ Question: समीकरण x² − 5x + 6 = 0 के मूल ज्ञात कीजिए।

✅ Solution: x = 2, 3

💡 Explanation: D = (−5)² − 4·1·6 = 25 − 24 = 1; x = (5 ± 1)/2 = 3, 2।

✍️ Solved Example 2 · हल किया हुआ उदाहरण

❓ Question: (1 + x)⁵ के प्रसार में x³ का गुणांक क्या है?

✅ Solution: 10

💡 Explanation: T_{r+1} = ⁵C_r x^r; x³ के लिए r=3, गुणांक = ⁵C₃ = 10।

आव्यूह: संक्रियाएँ, सारणिक एवं व्युत्क्रम

आव्यूह (Matrix) पंक्तियों और स्तंभों में व्यवस्थित संख्याओं का आयताकार समूह है। दो आव्यूहों का गुणन तभी संभव है जब पहले का स्तंभ-संख्या दूसरे की पंक्ति-संख्या के बराबर हो। वर्ग आव्यूह के लिए सारणिक (Determinant) और व्युत्क्रम (Inverse) की अवधारणा लागू होती है।

📐 Formula / Rule Box · सूत्र याद रखो

2×2 व्युत्क्रम

A⁻¹ = (1/|A|) × adj(A)

सारणिक गुणनफल

|AB| = |A||B|

⚖️ Comparison · अंतर साफ-साफ
सममित आव्यूहविषम सममित आव्यूह
Aᵀ = AAᵀ = −A
विकर्ण के सभी अवयव स्वेच्छ होते हैंविकर्ण के सभी अवयव शून्य होते हैं
उदाहरण: [[1,2],[2,3]]उदाहरण: [[0,2],[−2,0]]

⭐ Key Points · याद रखने वाली बातें

  • आव्यूह गुणन की शर्त: A(m×n) और B(n×p) का गुणनफल AB संभव है और परिणाम m×p आव्यूह होता है।
  • 2×2 आव्यूह का व्युत्क्रम: A⁻¹ = (1/|A|) × adj(A), जहाँ |A| ≠ 0 — अद्वितीय हल के लिए आवश्यक।
  • सारणिक का गुण: |AB| = |A||B| और |Aᵀ| = |A| — सारणिक के प्रश्नों में उपयोगी।
  • सममित एवं विषम सममित: Aᵀ = A (सममित), Aᵀ = −A (विषम सममित) — आव्यूह के प्रकार पहचानने के लिए।

✍️ Solved Example 1 · हल किया हुआ उदाहरण

❓ Question: यदि A = [[2, 1], [3, 4]] है, तो |A| ज्ञात कीजिए।

✅ Solution: 5

💡 Explanation: |A| = (2)(4) − (1)(3) = 8 − 3 = 5।

✍️ Solved Example 2 · हल किया हुआ उदाहरण

❓ Question: A = [[1, 2], [3, 4]] का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।

✅ Solution: A⁻¹ = [[−2, 1], [3/2, −1/2]]

💡 Explanation: |A| = 1·4 − 2·3 = −2; adj(A) = [[4, −2], [−3, 1]]; A⁻¹ = (1/−2)·adj(A) = [[−2, 1], [3/2, −1/2]]।

Practice Questions · खुद हल करके देखो

पहले खुद try karo, phir “Answer dekho” dabakar check karo. 👇

Q1यदि α, β समीकरण x² − 7x + 10 = 0 के मूल हैं, तो α² + β² का मान क्या है?

👀 Answer dekho

✅ Answer: 29

💡 Explanation: α+β = 7, αβ = 10; α²+β² = (α+β)² − 2αβ = 49 − 20 = 29।

Q2यदि A = [[1, 2], [2, 1]] है, तो A² − 2A का मान ज्ञात कीजिए।

👀 Answer dekho

✅ Answer: [[1, 0], [0, 1]]

💡 Explanation: A² = [[5,4],[4,5]], 2A = [[2,4],[4,2]]; घटाने पर [[3,0],[0,3]]? पुनः जाँच: A²−2A = [[5−2,4−4],[4−4,5−2]] = [[3,0],[0,3]] = 3I, अतः उत्तर 3I है। (यहाँ I तत्समक आव्यूह है।)

Q3(2 + x)⁴ के प्रसार में x² का गुणांक क्या है?

👀 Answer dekho

✅ Answer: 24

💡 Explanation: T_{r+1} = ⁴C_r 2^{4−r} x^r; x² के लिए r=2, गुणांक = ⁴C₂ · 2² = 6 × 4 = 24।

⚠️ Common Mistakes · ये गलतियाँ बिल्कुल मत करना

  • द्विघात समीकरण में विविक्तकर की गणना करते समय चिह्न की गलती — b²−4ac में b का वर्ग और c का गुणा ध्यान से करें।
  • आव्यूह गुणन में क्रम (AB ≠ BA) भूल जाना — पंक्ति-स्तंभ नियम का पालन करें।
  • व्युत्क्रम निकालते समय |A| = 0 होने पर भी व्युत्क्रम लिखना — पहले |A| ≠ 0 जाँचें।

⚡ Quick Revision · Exam से पहले 2 मिनट में दोहराओ

  • द्विघात सूत्र: x = [−b ± √(b²−4ac)]/2a — मूलों की प्रकृति D से तय होती है।
  • द्विपद प्रमेय: T_{r+1} = ⁿC_r a^{n−r} b^r — विशिष्ट पद के लिए r ज्ञात करें।
  • आव्यूह व्युत्क्रम: A⁻¹ = adj(A)/|A|, केवल जब |A| ≠ 0 — 2×2 के लिए adj(A) में विकर्ण अवयव बदलें और अन्य के चिह्न बदलें।

Related Content · और पढ़ो-practice करो